खबर सक्ती ...
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सक्ती के कार्यालय में मनाया गया विश्व क्षय दिवस ..

संक्रमित ब्यक्ति के खांसने, क्षीकने, थूकने से फैलता हैं टीबी ..
सक्ती, भारत वर्ष में 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसी तारतम्य में सीएमएचओ कार्यालय सक्ती में सीएमएचओ डॉ सूरज सिंह राठौर, डीपीएम अर्चना तिवारी, ब्लॉक टीबी सुपरवाइजर विनोद राठौर और संजय बंजारे की उपस्थिति में टीबी दिवस मनाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सूरज सिंह राठौर के मार्गदर्शन में टीबी कार्यक्रम नित नए आयाम को छूते हुए राज्य द्वारा 2023 में पुरुषकृत भी किये गए है एवं स्वयं 2025 तक टीबी मुक्त करने की शपथ ली एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी शपथ दिलाई गई।

सीएमएचओ डॉ सूरज सिंह राठौर एवं सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राठौर द्वारा टीबी बीमारी के बारे विस्तृत जानकारी दी गई। टीबी एक संक्रामक बीमारी हैं, जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, संक्रमित ब्यक्ति के खांसने या छीकने से टीबी की बैक्टीरिया हवा के माध्यम से एक से दूसरे ब्यक्ति में फैलती है। इसलिये सभी को टीबी के लक्षण न होने पर भी समय समय पर टीबी की जांच कराते रहना चाहिए। जिससे आवश्यक दवा लेकर इस बीमारी से बचा जा सके। जबकि भारत वर्ष के सभी अस्पतालो में जांच और दवा पूरी तरह से निःशुल्क हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि दुनिया भर में इस बीमारी से वर्ष में 14 से 15 लाख लोगों की मृत्यु टीबी से होती हैं, जबकि एक करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में आते है। जिला सक्ती की बात करे तो 2023 में 589 टीबी मरीज मिले जिसमें सक्ती 188, डभरा 137, मालखरौदा 124, जैजैपुर 140 था। वर्तमान में इस बीमारी का इलाज संभव है, परन्तु मरीज दवाओं का पूरा कोर्स न करने या मरीज ठीक हो गया हूँ यह मानकर दवा खाना छोड़ देता हैं, जिसके कारण मरीज गम्भीर स्थिति में फस जाता है और कोई भी एन्टीबायोटिक उसको असर नहीं करती है। जिससे मरीज को बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता हैं। टीबी से प्रभावित करने वाली अंगों की बात की जाए तो यह फेफड़ो को ज्यादा तर प्रभावित करती हैं साथ ही अन्य अंगों जैसे हृदय, हड्डी, गुर्दे, आत, आदि को भी प्रभावित करती हैं, इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। दो सप्ताह से अधिक की खाँसी, लगातार रात के समय बुखार आना, रात में पसीना आना, बलगम में खून, वजन घटना, भूख न लगना। इस तरह के लक्षण मिलने पर नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से परामर्श और जाँच जरूर कराए। टीबी की जांच के लिये उच्च गुणवत्ता की मशीन भी जिला सक्ती के चारो ब्लॉक में लगाई गई हैं। जिसमे कम समय मे टीबी की पहचान की जा सकती हैं। टीबी होने पर 6माह का दवा का पूरा कोर्स कर अपनी जान बचा सकते है। टीबी मरीजों को शासन द्वारा पोषण आहार के लिये दवा की पूरी अवधि तक 500 रुपये प्रतिमाह प्रदान की जाती हैं। जो कि डीबीटी के माध्यम से मरीज के खाते में ट्रांसफर होती हैं। जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों द्वारा टीबी मरीजो को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार प्रदान कर अतिरिक्त लाभ प्रदान की जाती हैं। कार्यक्रम में जिले के समस्त एमएलटी, आरएमए, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ एवं हॉस्पिटल स्टाफ मौजूद थे।
खबर सक्ती ...2 years agoबड़ी खबर: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने किया अनिल चन्द्रा को जिलाबदर ..
खबर सक्ती ...2 years agoव्यापारी से 2250000 रूपये की लूट करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार 05 आरोपी फरार ..
ख़बर रायपुर2 years agoएनसीपी के प्रमुख पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा कल 23 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस में होंगे शामिल ..
खबर जगदलपुर ..2 years agoस्कूल शिक्षा विभाग में 3266 से अधिक रिक्त प्राचार्य पद पर पदोन्नति की माँग को लेकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा जगदलपुर में बस्तर संभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई ..
खबर सक्ती ...3 years agoसक्ती जिले के डभरा सीएचसी में उपलब्ध हुई दो विशेषज्ञ चिकित्सको की सेवा ..
Uncategorized3 years agoप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल समाप्त ..
खबर सक्ती ...2 years agoगुलमोहर के फूलों की दीवानगी ऐसी कि आजादी के अमृतोत्सव पर लगाए “75 गुलमोहर पौधे …
खबर सक्ती ...2 years agoज्ञानकुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सकरेली (बा) में रंगोली, राखी मेकिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न ..


























You must be logged in to post a comment Login