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घोघरी पंचायत में विकास कार्यों पर उठे सवाल, कलेक्टर से भौतिक सत्यापन की मांग ..

सरपंच-सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप, लाखों की आय के बावजूद गांव में विकास कार्य न होने का दावा ..
सक्ती, मालखरौदा विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघरी में विकास कार्यों और पंचायत निधि के कथित उपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम घोघरी निवासी रामाश्रय पिता फिरूलाल ने 18 अगस्त 2026 को कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच और सचिव पर मिलीभगत से सरकारी राशि में अनियमितता एवं फर्जी तरीके से खर्च दर्शाने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जिला स्तरीय जांच कराने के साथ ही पंचायत में कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान सरपंच द्वारा प्रभार ग्रहण करने के बाद 15वें वित्त आयोग, मूलभूत निधि, बाजार, मकान कर सहित विभिन्न मदों से पंचायत को लाखों रुपये प्राप्त हुए, लेकिन इन राशियों के खर्च का समुचित हिसाब पंचों और ग्रामीणों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। आरोप है कि कागजों में विकास कार्य दर्शाकर राशि का उपयोग किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की तस्वीर कुछ और ही नजर आती है।
बाजार से लाखों की आय, फिर भी कीचड़ में तब्दील बाजार –
शिकायतकर्ता के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 1 अगस्त 2026 तक मवेशी बाजार और आम बाजार की नीलामी से पंचायत को करीब 22.68 लाख रुपये की आय हुई। इसके अलावा जिला खनिज न्यास निधि से 40 लाख रुपये से अधिक तथा मनरेगा से करीब 11 लाख रुपये प्राप्त हुए। मूलभूत निधि, मकान कर और कॉम्प्लेक्स किराए से भी पंचायत को अतिरिक्त आय होने का दावा किया गया है।
इतनी बड़ी राशि पंचायत के खाते में आने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अपेक्षित विकास कार्य नजर नहीं आ रहे हैं। शिकायत में खास तौर पर आम-मवेशी बाजार की बदहाली का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि बाजार आज भी कीचड़ और अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पंचायत को मिलने वाली लाखों की राशि आखिर कहां और किन कार्यों में खर्च हुई?
कागजों में विकास या जमीन पर हकीकत? –
शिकायतकर्ता ने 1 अप्रैल 2025 से 1 अगस्त 2026 तक सरपंच द्वारा कराए गए सभी विकास कार्यों की सूची, भुगतान और निर्माण कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने जिला स्तर से जांच दल गठित कर गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों की मौजूदगी में जांच कराने का आग्रह किया है, ताकि कागजों में दर्ज कार्यों और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान हो सके।
कलेक्टर जनदर्शन में दर्ज शिकायत का क्रमांक 7155 है। अब शिकायत के बाद प्रशासन जांच के लिए क्या कदम उठाता है और पंचायत के विकास कार्यों तथा खर्च की जमीनी हकीकत सामने आती है या नहीं, इस पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच एवं पुष्टि होना अभी बाकी है।
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