Connect with us

खबर सक्ती ...

राजनीति के संत महामानव पं. दीनदयाल उपाध्याय ..

Published

on

11 फरवरी पुण्य तिथि पर विशेष लेख ..

.

सक्ती, सफलता की पूजा हो सकती है पर श्रद्धा आदर्शों के प्रति ही उपजती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजनीति के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है जिसे सुनते ही श्रद्धा आकस्मिक रूप से उमड़ पड़ती है। आज जबकि अधिकांश राजनीतिज्ञ राजनीति को स्वार्थ साधन का आधार बना चुके हैं दीनदयाल सदृश्य महान व्यक्तियों की आवश्यकता और भी अधिक महसूस होने लगी है जिन्होंने राजनीति को हमेशा देश और समाज की सेवा का माध्यम ही माना है। उनका कहना था की राजनीति ऐसी होनी चाहिए कि जिससे सामाजिक क्षेत्र में नवनिर्माण का संकल्प गूंज उठे। महत्वाकांक्षा से प्रेरित हो धन बल का सहारा ले राजनीति में छा जाने की इच्छा रखने वाले बहुत मिलेंगे परंतु अभावों में पलकर अपने आचरण एवं व्यक्तित्व से राजनीति में अपना स्थान बनाना बहुत कम लोगों को आता है आज आमतौर पर उसे ही सफल राजनीतिज्ञ माना जाता है जो येन केन प्रकारेण सत्ता के उच्च सोपान पर विराजमान हो सके चाहे इसके लिए आदर्शों की कितनी ही अवहेलना करनी पड़े। राजनीतिज्ञों के बारे में किसी ने कहा है कि “दुनिया के सभी राजनीतिज्ञ एक समान होते हैं वे ऐसी जगह भी पुल बनाने का वादा कर सकते हैं जहां कोई नदी नहीं बहती” यदि उक्त कथन को सत्य माना जाए तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय को राजनीतिज्ञ कहना अनुचित ही होगा क्योंकि उन्होंने हमेशा कथनी और करनी की एकरूपता पर ही जोर डाला है। किसी ने उन्हें राजनीति में आधुनिक ऋषि कहा है तो किसी ने अजातशत्रु। दीनदयाल जी एक महान विचारक, श्रेष्ठ लेखक, कुशल राजनीतिज्ञ और इन सबसे बढ़कर एक श्रेष्ठ मानव थे। उनका जीवन प्रखर राष्ट्रीयता से ओतप्रोत था राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहन और व्यापक चिंतन करके उन्होंने समय पर जो विचार व्यक्त किए वे समयानुकूल तो थे ही साथ ही सच्चाई से उद्दीप्त थे। दीनदयाल जी का कहना था कि सृष्टि संघर्ष पर नहीं सहयोग और समन्वय पर टिकी है, पुरुष और प्रकृति के संघर्ष से नहीं अपितु उनके परस्पराधीनता से सृष्टि बनती और चलती है अतः वर्ग विरोध और संघर्ष के स्थान पर परस्परावलंबन और सहयोग के आधार पर समाज की दिशा निर्धारित होनी चाहिए। दीनदयाल जी ने भारत की समस्याओं को उनके सही परिप्रेक्ष्य में देखा और भारत की समृद्ध संस्कृति और उसकी आत्मा के अनुसार उसका हल खोजने की कोशिश की। कश्मीर के बारे में उनकी स्पष्ट राय थी कि पाकिस्तान के साथ यदि कश्मीर का कोई प्रश्न शेष है तो वह उसकी एक तिहाई क्षेत्र की मुक्ति का है।
वृत्त पत्र में नाम छपेगा, पहनूंगा स्वागत श्रृंगार।
छोड़ चलो यह क्षुद्र भावना, हिंदू राष्ट्र के तारणहार।।
कविता की इन पंक्तियों के अनुरूप पद प्रतिष्ठा और आत्म प्रचार से दूर रहने वाले पंडित दीनदयाल ने आपात धर्म के रूप में भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पद का भार ग्रहण किया। उनके गतिशील और ओजस्वी नेतृत्व से जनसंघ में एक अद्भुत प्रवाह और शक्ति आ गई जनसंघ के कार्यकर्ताओं पर उन्होंने कभी इस निराशावादी सोच को प्रभावित होने नहीं दिया कि राजनीति गंदी होती है या क्या रखा है राजनीति में। जनसंघ ने उनके कार्यकाल में बुलंदियों को छूना प्रारंभ किया। संस्था प्रमुख होने के बावजूद दीनदयाल जी ने हमेशा राष्ट्र को प्रमुख माना संस्था को नहीं। जनसंघ के कालीकट अधिवेशन में उन्होंने कहा कि हमने किसी संप्रदाय या वर्ग विशेष की सेवा का नहीं बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की सेवा का व्रत लिया है। सभी देशवासी हमारे बांधव हैं जब तक हम इन सभी बंधुओ को भारत माता के सपूत होने का सच्चा गौरव प्रदान नहीं करेंगे हम चुप नहीं बैठेंगे। हम भारत माता को सही अर्थों में सुजलां सुफलां बना कर रहेंगे। लोकतंत्र को दीनदयाल जी ने लोककर्तव्य के निर्वाह का माध्यम माना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सही मूल्यांकन करने के लिए राजनीति के दायरे से बाहर आना होगा वह केवल राजनीतिक पुरुष नहीं थे उनका चिंतन समग्र था उन्होंने समय-समय पर जो विचार व्यक्त किए हैं वह दीर्घ काल तक संपूर्ण मानवता का पथ आलोकित करते रहेंगे। उन्होंने देश को एकात्म मानववाद का दर्शन, चरैवेति का मंत्र और अंत्योदय की प्रेरणा दी। राजनीति के इस अजातशत्रु की शत्रुता थी भारत विरोधी विचारधाराओं से, भारत पर आक्रमण करने वाली शक्तियों से, भारत को विभाजित करने वाली नीतियों से, राष्ट्रीय स्वाभिमान को कुंठित करने वाले चिंतन प्रणाली से। यह शक्तियां ही उनकी शत्रु बन गईं और यह शत्रुता उनकी हत्या का कारण। 11 फरवरी 1968 को दीनदयाल जी ने भौतिक रूप से इस संसार को छोड़ दिया परंतु अपने विचारों के रूप में वे आज भी हमारे बीच विद्यमान हैं। जन्म से नहीं कर्म से महान, मानवता के सच्चे मित्र और पुजारी, महामानव पंडित दीनदयाल उपाध्याय को मेरा शत-शत नमन।


रमेश सिंघानिया ..

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Latest

ख़बर रायपुर1 दिन ago

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी को जगदलपुर आएंगी ..

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू , मुख्य सचिव विकास शील ने ली वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक...

ख़बर रायपुर1 दिन ago

गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार है प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय ..

मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म – ‘गोदान’ का किया ट्रेलर लॉन्च , मुख्यमंत्री ने की फिल्म – ‘गोदान’...

ख़बर रायपुर1 दिन ago

युवाओं की ऊर्जा ही राष्ट्र की असली ताकत – उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ..

डीके कॉलेज बलौदाबाजार में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन .. रायपुर, दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार में...

ख़बर रायपुर1 दिन ago

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सौजन्य मुलाकात ..

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने...

खबर रायगढ़1 दिन ago

रायगढ़ के नवपदस्थ एसपी शशि मोहन से पत्रकारों की सौजन्य भेंट ..

रायगढ़, जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक (एसपी) शशि मोहन सिंह के पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में स्थानीय पत्रकारों द्वारा...

खबर सक्ती ...2 दिन ago

सेवा सरकारी समिति सक्ती में हर्षोल्लास से मना 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, अध्यक्ष कृष्ण कुमार पटेल ने फहराया तिरंगा ..

गणतंत्र दिवस हमें समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों का मार्ग दिखाता है : समिति प्रबंधक धनीराम साहू .. सक्ती, सेवा सरकारी...

खबर कोरबा2 दिन ago

गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जिला जनसंपर्क कार्यालय के जिला समन्वयक आशुतोष हुए सम्मानित ..

कोरबा, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में जिला प्रशासन के अंतर्गत उत्कृष्ट एवं सराहनीय...

खबर जांजगीर-चांपा ..2 दिन ago

वेल विशर फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने किया ध्वजारोहण ..

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा नरियरा में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित .. जांजगीर-चांपा, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़...

खबर सक्ती ...2 दिन ago

सक्ती आबकारी नियंत्रण कक्ष में धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस ..

सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान से गूंजा परिसर .. सक्ती, नगर के आबकारी नियंत्रण कक्ष...

खबर सक्ती ...3 दिन ago

सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिले वासियों को गणतंत्र दिवस की दी शुभकामनाएं ..

सक्ती, सक्ती जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले वासियों को हार्दिक...

संपादक




आशीष शर्मा

उप संपादक




उगेंद्र अग्रवाल

Trending