Connect with us

ख़बर रायपुर

♦️ खनिज के अवैध खनन पर साय सरकार का बड़ा प्रहार, जुर्माना बढ़ा और कार्रवाई हुई सख्त ..

Published

on

♦️ रेत-खनिज की अवैध ढुलाई अब पड़ेगी भारी, प्रति टन 2 हजार और न्यूनतम 25 हजार जुर्माना ,

♦️ जब्त वाहन छुड़ाने के लिए 50 हजार से 3 लाख तक सुरक्षा राशि अनिवार्य, नए नियम लागू ,

♦️ मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद अवैध उत्खनन-परिवहन पर कसा शिकंजा, सख्त प्रावधानों से बढ़ी जवाबदेही ,

♦️ साय सरकार का सख्त संदेश: अवैध उत्खनन पर जीरो टॉलरेंस ..

रायपुर, छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।

सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा।

खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है।

सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी।

निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा।

करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

Latest

खबर सक्ती ...9 घंटे ago

जिला मुख्यालय सक्ती में गरिमामय ढंग से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह ..

सांसद कमलेश जांगड़े ने किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी; मुख्यमंत्री के संदेश का किया गया वाचन .. सक्ती, जिला...

खबर सक्ती ...10 घंटे ago

सकरेली कलां में आन-बान और शान के साथ लहराया तिरंगा ..

सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रोशन लाल पटेल ने किया ध्वजारोहण .. सक्ती, समीपवर्ती ग्राम सकरेली कलां में स्वतंत्रता दिवस...

खबर सक्ती ...10 घंटे ago

देश की अखंडता और एकता बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य : गिरधर जायसवाल ..

भदरीपाली के शासकीय शाला में स्वतंत्रता दिवस पर हुआ ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को किया नमन .. सक्ती,...

खबर सक्ती ...16 घंटे ago

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा सक्ती में आन-बान-शान के साथ लहराया तिरंगा ..

शाखा प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी ने किया ध्वजारोहण, क्षेत्रवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं .. सक्ती, स्वतंत्रता दिवस के अवसर...

खबर कोरबा1 दिन ago

कभी भी खोला जा सकता है मिनीमाता बांगो जलाशय का गेट, अलर्ट जारी ..

मिनीमाता बांगो जलाशय में जल भराव 92.48 प्रतिशत, पानी के आवक में हो रही लगातार वृद्धि .. कोरबा, मिनीमाता बांगो...

ख़बर रायपुर1 दिन ago

स्वतंत्रता दिवस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं ..

आजादी और लोकतंत्र की रक्षा करना हम सभी का दायित्व : डॉ. महंत .. रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष...

खबर सूरजपुर ..1 दिन ago

कलेक्टर रेना जमील ने जिलेवासियों को दी 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ..

युवाओं एवं विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान .. सूरजपुर, 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर...

खबर सक्ती ...1 दिन ago

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के नेतृत्व में बदला पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्वरूप ..

15 अगस्त से पहले डेटिंग-पेंटिंग, तिरंगा लाइटिंग और रंगोली से कार्यालय को दिया आकर्षक रूप .. सक्ती, स्वतंत्रता दिवस के...

ख़बर रायपुर1 दिन ago

विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री साय ..

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल , संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक...

खबर सक्ती ...1 दिन ago

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी का आयोजन ..

कलेक्टर, सीईओ सहित अधिकारियों एवं आम नागरिकों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन .. सक्ती, भारत विभाजन की त्रासदी में प्राण...

संपादक




आशीष शर्मा

उप संपादक




उगेंद्र अग्रवाल

Trending