खबर सक्ती ...
केसला टोल प्लाजा हुआ पूरी तरह डिजिटल, अब घर बैठे बनेगा लोकल पास ..

20 किमी दायरे के स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन चालकों को राहत, मासिक 350 रुपये तो सालभर के लिए लगभग लगेंगे 4,200 रुपए मात्र ,
टोल की कतार और कागजी झंझट खत्म, मोबाइल से बनेगा केसला का लोकल पास ,
छत्तीसगढ़ में पहली डिजिटल पहल, 20 किमी दायरे के पात्र वाहन चालकों को घर बैठे सुविधा ..
सक्ती, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले स्थानीय वाहन चालकों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित केसला टोल प्लाजा प्रदेश का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बन गया है। अब यहां टोल भुगतान के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए लोकल मासिक पास की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। यानी पात्र वाहन मालिकों को पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा के चक्कर लगाने या भौतिक दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की डिजिटल लोकल पास सुविधा के तहत अब पात्र स्थानीय नागरिक अपने मोबाइल से ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप अथवा एनएचएआई के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। डिजिटल सत्यापन के बाद पास सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएगा।
💠 20 किलोमीटर के दायरे वालों को मिलेगा लाभ –
केसला टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र स्थानीय नागरिक इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार स्थानीय मासिक पास की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे रोजाना या नियमित रूप से टोल मार्ग का उपयोग करने वाले स्थानीय वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
💠 मात्र 350 रुपये में मासिक लोकल पास! –
गैर-व्यावसायिक वाहन के लिए मासिक लोकल पास का शुल्क सिर्फ 350 रुपये निर्धारित किया गया है। यानी सालभर के लिए लगभग लगेंगे 4,200 रुपए मात्र!
इस पास के जरिए पात्र स्थानीय वाहन चालक संबंधित टोल प्लाजा से निर्धारित नियमों के तहत सुगम आवाजाही कर सकेंगे।
💠 डिजीलॉकर और GIS बताएगा कौन है पात्र –
डिजिटल लोकल पास व्यवस्था को डिजीलॉकर, सरकारी वाहन संबंधी डिजिटल प्लेटफॉर्म और लिंक किए गए फास्टैग जैसी प्रणालियों से जोड़ा गया है। आवेदक के पते और वाहन की जानकारी का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। वहीं GIS तकनीक के जरिए यह भी जांचा जाएगा कि आवेदक का पंजीकृत पता संबंधित टोल प्लाजा से निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में आता है या नहीं।
इस व्यवस्था से कागजी कार्रवाई और मैनुअल सत्यापन की जरूरत काफी हद तक समाप्त होगी तथा पात्रता निर्धारण में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
💠 अब दूसरे टोल प्लाजा की बारी –
केसला टोल प्लाजा से शुरू हुई यह डिजिटल पहल आने वाले समय में प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा तक भी पहुंचाई जाएगी। इससे स्थानीय नागरिकों को टोल पास बनवाने के लिए लंबी कतारों और दफ्तरनुमा प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल लोकल पास और टोल संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता ‘राजमार्ग यात्रा’ के आधिकारिक पोर्टल https://rajmargyatra.nhai.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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