Connect with us

खबर बिलासपुर

इंदौर में गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया’ का नारा ..इंदल महोत्सव में गेड़ी लोक नृत्य दल की शानदार प्रस्तुति ..

Published

on

बिलासपुर, मध्य प्रदेश शासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर में आयोजित इंदल महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोक संस्कृति ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। देश के 12 राज्यों से आए लोक कलाकारों की सहभागिता वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य को आमंत्रित किया गया,जो प्रदेश के लिए ग़ौरव की बात है।

छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित संस्था लोक श्रृंगार भारती, तिफरा (बिलासपुर) के गेड़ी नृत्य दल ने महोत्सव में शानदार प्रस्तुति दी। मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण गेड़ी नृत्य दल की प्रस्तुति रही।

कौड़ियों, चीनी मिट्टी की मालाओं, पटसन वस्त्र, सिकबंध, मयूर पंख, पैरों में घुंघरू और रंगीन गेड़ियों से सुसज्जित कलाकारों ने जब मंच पर नृत्य प्रारंभ किया, तो पूरा महोत्सव स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में दल ने अनुशासित एवं ऊर्जावान प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गढ़ेवाल द्वारा गाया गया पारंपरिक गेड़ी गीत “काट ले हरियर बांसे जो भला” इंदौरवासियों को झूमने पर मजबूर कर गया। मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे एवं मोहन डोंगरे के सशक्त वादन ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, वहीं महेश नवरंग की बांसुरी की मधुर स्वर लहरियों पर दर्शक भावविभोर नजर आए। सौखी लाल कोसले ने हारमोनियम वादन किया, जबकि सहगायक के रूप में भरत वस्त्रकर एवं फागूलाल सूर्यवंशी ने सहभागिता निभाई।

मुख्य गेड़ी नर्तक प्रभात बंजारे एवं सूरज खांडे के गेड़ी पर संतुलन साधे रहने के दौरान शुभम भार्गव द्वारा उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराने का दृश्य दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। वहीं लक्ष्मी नारायण माण्डले और फूलचंद ओगरे ने एक ही गेड़ी पर नृत्य कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। सह गेड़ी नर्तकों के रूप में मनोज माण्डले, सुनील गेंदले, शुभम भारद्वाज, उदय खांडे, गेंदलाल एवं चंद्रशेखर यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उल्लेखनीय है कि इसी माह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं यूनेस्को के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भी गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने 180 देशों के प्रतिनिधियों का मन मोह लिया था। सफल प्रस्तुतियों के पश्चात यूनेस्को द्वारा गेड़ी लोक नृत्य को अत्यंत प्राचीन लोक नृत्यों की सूची में शामिल किए जाने के संकेत भी दिए गए हैं।

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Latest

खबर सक्ती ...2 दिन ago

विश्व पर्यावरण दिवस पर छात्र रेयांश साहू की प्रेरणादायी पेंटिंग ने बटोरी सराहना ..

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती छात्र रेयांश की कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र .. सक्ती, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर...

खबर सक्ती ...2 दिन ago

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर सक्ती में आयोजित साइकिल रैली में अधिकारी, कर्मचारी एवं स्कूली छात्र-छात्राएं हुए शामिल ..

विश्व साइकिल दिवस पर नगर में निकली जागरूकता रैली, 260 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा .. सक्ती, विश्व साइकिल...

खबर सक्ती ...2 दिन ago

13 जून को रायपुर में उमड़ेगा NHM कर्मियों का जनसैलाब ..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, 18 हजार से अधिक कर्मचारी-अधिकारी परिवार सहित होंगे शामिल .. सक्ती, छत्तीसगढ़ प्रदेश...

खबर सक्ती ...2 दिन ago

सक्ती के प्रधान पाठक शैलकुमार पांडेय को मिला बिरसा मुंडा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान-2026

नवाचारी शिक्षण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों पर शैलकुमार पांडेय राष्ट्रीय स्तर पर हुए सम्मानित .. सक्ती, शासकीय आदिवासी आश्रम...

खबर सक्ती ...4 दिन ago

सक्ती के छोटे सीपत में आबकारी उड़नदस्ता की बड़ी कार्रवाई, ढाबा संचालक के कब्जे से 15.29 लीटर शराब जब्त ..

होटल की रसोई से मिली देशी-विदेशी शराब, आबकारी उड़नदस्ता टीम ने आरोपी को भेजा जेल .. सक्ती, अवैध शराब बिक्री...

खबर सक्ती ...4 दिन ago

खेत बचाओ-धरती माता बचाओ अभियान के तहत गुन्जियाबोड़ में कृषक चौपाल, किसानों को प्राकृतिक खेती का दिया गया प्रशिक्षण ..

संतुलित उर्वरक उपयोग और नैनो तकनीक पर जागरूक हुए किसान, गुन्जियाबोड़ में आयोजित हुई कृषक चौपाल .. सक्ती, विश्व पर्यावरण...

खबर सक्ती ...6 दिन ago

तांदुलडीह दोहरा हत्याकांड: पूजा-पाठ की आड़ में अपनों का ही खून; मां समेत चार परिजनों को सश्रम उम्रकैद ..

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे का ऐतिहासिक फैसला, कोर्ट ने चारों आरोपियों को माना हत्या का दोषी .....

खबर सूरजपुर ..6 दिन ago

सुशासन तिहार का असर: कलेक्टर रेना जमील ने 74 वर्षीय कोटवार को दिलाया श्रवण यंत्र, बुजुर्ग के चेहरे पर लौटी मुस्कान ..

संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: आवेदन पर त्वरित कार्रवाई, कलेक्टर रेना जमील ने स्वयं भेंट किया श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) ,...

ख़बर रायपुर6 दिन ago

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन ..

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़ .. रायपुर, सुशासन तिहार 2026...

ख़बर रायपुर6 दिन ago

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कांकेर में चार जिलों की समीक्षा: मुख्यमंत्री साय ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसेवा पर दिया जोर ..

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान...

संपादक




आशीष शर्मा

उप संपादक




उगेंद्र अग्रवाल

Trending