खबर सक्ती ...
मुआवजे की ढाल में छुपे जिम्मेदार! 25 मजदूरों की मौत, आरोपी अब भी बेखौफ ..

वेदांता पावर प्लांट कांड: 18 नामजद, लेकिन गिरफ्तारी शून्य — 16 दिन से सिस्टम मौन ,
न्याय पर पर्दा? जांच के नाम पर खेल, मजदूरों की मौत पर सन्नाटा ..
सक्ती, जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे ने 25 मजदूरों की जान ले ली, लेकिन 16 दिन बाद भी जिम्मेदारों पर हाथ डालने की हिम्मत सिस्टम नहीं जुटा पा रहा है। मौत का यह मंजर अब सवाल बनकर खड़ा है—क्या मजदूरों की जान इतनी सस्ती है कि मुआवजे के चंद चेक देकर सबकुछ दबा दिया जाएगा?

हादसे के बाद बॉयलर और सेफ्टी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर 18 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई। कागजों में कार्रवाई पूरी, लेकिन जमीन पर सन्नाटा। एक भी गिरफ्तारी नहीं। पुलिस “जांच प्रतिवेदन” का बहाना बनाकर समय काट रही है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। सवाल उठता है—आखिर किसका इंतजार हो रहा है?
स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों का सीधा आरोप है कि कंपनी प्रबंधन मुआवजे का मरहम लगाकर पूरे मामले को दफनाने की कोशिश में जुटा है। परिजनों को पैसे देकर क्या जिम्मेदारी खत्म हो जाती है? क्या 25 जिंदगियों की कीमत कुछ लाख रुपए तय कर दी गई है?

प्राथमिक तथ्यों ने साफ कर दिया है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही थी। यह हादसा नहीं, लापरवाही का नतीजा था। अगर समय पर जिम्मेदारों ने अपना कर्तव्य निभाया होता, तो शायद 25 मजदूर आज जिंदा होते। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होना सीधे-सीधे सिस्टम की नाकामी या फिर मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
शहर में यह चर्चा अब खुलकर हो रही है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। कंपनी के शीर्ष स्तर तक जिम्मेदारी तय होने के बावजूद कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या बड़े नामों के आगे सिस्टम घुटने टेक देता है?



25 मजदूरों की मौत पर यह खामोशी अब आक्रोश में बदल रही है। लोग पूछ रहे हैं—अगर यही हादसा किसी बड़े उद्योगपति या अधिकारी के परिवार के साथ होता, तो क्या तब भी 16 दिन तक गिरफ्तारी टलती रहती?
मजदूर वर्ग साफ कह रहा है—मुआवजा नहीं, न्याय चाहिए। और न्याय तब तक अधूरा है, जब तक दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा नहीं दी जाती। केवल एफआईआर और जांच की बातों से अब भरोसा नहीं बचेगा।
अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या नहीं। क्या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा, या 25 मजदूरों की मौत का सच सामने आकर जिम्मेदारों को सजा दिलाएगा? फिलहाल, सक्ती में गूंज रहा एक ही सवाल—आखिर कब होगी आरोपियों की गिरफ्तारी, कब मिलेगा न्याय?
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoबड़ी खबर: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने किया अनिल चन्द्रा को जिलाबदर ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoव्यापारी से 2250000 रूपये की लूट करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार 05 आरोपी फरार ..
ख़बर रायपुर3 वर्ष agoएनसीपी के प्रमुख पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा कल 23 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस में होंगे शामिल ..
खबर जगदलपुर ..3 वर्ष agoस्कूल शिक्षा विभाग में 3266 से अधिक रिक्त प्राचार्य पद पर पदोन्नति की माँग को लेकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा जगदलपुर में बस्तर संभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoगुलमोहर के फूलों की दीवानगी ऐसी कि आजादी के अमृतोत्सव पर लगाए “75 गुलमोहर पौधे …
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoसक्ती जिले के डभरा सीएचसी में उपलब्ध हुई दो विशेषज्ञ चिकित्सको की सेवा ..
Uncategorized3 वर्ष agoप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल समाप्त ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoज्ञानकुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सकरेली (बा) में रंगोली, राखी मेकिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न ..






















You must be logged in to post a comment Login