खबर सक्ती ...
जनदर्शन में फिर फूटा शिकायतों का गुबार, 42 फरियादों ने खोली व्यवस्था की पोल! ,

हर मंगलवार जनदर्शन, फिर भी क्यों नहीं थम रही फरियादों की कतार? ,
58 के बाद फिर 42 फरियादें, आखिर कहां अटक रहा शिकायतों का समाधान? ,
दफ्तरों में समीक्षा, जनदर्शन में फरियाद—जमीनी समाधान पर उठे सवाल ,
कागजों पर निराकरण के दावों के बीच जिला मुख्यालय पहुंच रहे 42 फरियादी ..
सक्ती, जिला प्रशासन की ओर से हर मंगलवार आयोजित होने वाले जनदर्शन में शिकायतों और मांगों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सप्ताह 22 सितंबर को 58 आवेदन पहुंचने के बाद इस मंगलवार 29 सितंबर को भी 42 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर जिला कार्यालय पहुंचे। लगातार सामने आ रहे आवेदनों ने स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ओर साप्ताहिक समय-सीमा की बैठकों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण की समीक्षा और अधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर हर सप्ताह जिला मुख्यालय पहुंच रहे दर्जनों आवेदनों से साफ है कि आम लोगों की समस्याओं का एक बड़ा हिस्सा अभी भी निचले स्तर पर समाधान की बाट जोह रहा है।
दाखिल-खारिज से लेकर पेंशन और आवास तक फरियाद –
मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में सक्ती तहसील के ग्राम केरीबंधा निवासी बाबूलाल बरेठ ने दाखिल-खारिज में संशोधन, भद्रीपाली के अनिल कुमार गोंड ने अभिलेख सुधार, डभरा के भेड़िकोना निवासी संध्या सिदार ने रोजगार तथा मालखरौदा के छोटे कोट निवासी दादूराम ने वृद्धावस्था पेंशन की मांग रखी।

इसी तरह अड़भार निवासी केवरा बाई सहिस ने पट्टा प्रदान करने तथा सक्ती तहसील के मल्दी नंदौर खुर्द निवासी महेश्वरी साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर आवेदन दिया। इसके अलावा भी अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी फरियाद रखी।
हर मंगलवार जनदर्शन, फिर भी क्यों नहीं थम रही फरियाद? –
जनदर्शन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता और शीघ्रता से निराकरण करना है। लेकिन लगातार बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचना इस व्यवस्था की जमीनी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। खासकर जब कई शिकायतें ऐसी हों, जिनका निराकरण संबंधित विभाग, तहसील या स्थानीय निकाय स्तर पर ही किया जा सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विभागीय स्तर पर शिकायतों का समय पर निराकरण हो रहा है, तो आम लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं लेकर बार-बार जिला मुख्यालय तक क्यों पहुंचना पड़ रहा है? ग्रामीणों को यदि स्थानीय स्तर पर समाधान मिल जाए तो उन्हें जिला कार्यालय तक आने में समय और संसाधन खर्च करने की जरूरत ही न पड़े।
अब असली परीक्षा आवेदनों के निराकरण की –
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती जयश्री जैन ने जनदर्शन में प्राप्त सभी 42 आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए नियमानुसार एवं शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से आवेदनों का पूरी गंभीरता के साथ निराकरण करने को कहा है।
लेकिन अब निगाहें केवल जनदर्शन में आवेदन लिए जाने पर नहीं, बल्कि 42 आवेदनों में से कितने मामलों का वास्तविक और समयबद्ध समाधान होता है, इस पर रहेंगी। क्योंकि जनदर्शन में फरियाद सुन लेना पहला कदम है, समस्या का धरातल पर समाधान ही प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक कसौटी है।
जनदर्शन में जिला पंचायत सीईओ वासु जैन, अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, अपर कलेक्टर के.एस. पैंकरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoबड़ी खबर: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने किया अनिल चन्द्रा को जिलाबदर ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoव्यापारी से 2250000 रूपये की लूट करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार 05 आरोपी फरार ..
ख़बर रायपुर3 वर्ष agoएनसीपी के प्रमुख पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा कल 23 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस में होंगे शामिल ..
खबर जगदलपुर ..3 वर्ष agoस्कूल शिक्षा विभाग में 3266 से अधिक रिक्त प्राचार्य पद पर पदोन्नति की माँग को लेकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा जगदलपुर में बस्तर संभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoसक्ती जिले के डभरा सीएचसी में उपलब्ध हुई दो विशेषज्ञ चिकित्सको की सेवा ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoगुलमोहर के फूलों की दीवानगी ऐसी कि आजादी के अमृतोत्सव पर लगाए “75 गुलमोहर पौधे …
Uncategorized3 वर्ष agoप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल समाप्त ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoज्ञानकुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सकरेली (बा) में रंगोली, राखी मेकिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न ..























