Uncategorized
सक्ती का जिला आबकारी कार्यालय ‘भगवान भरोसे’, न अधिकारी उपलब्ध न कर्मचारी जवाबदेह ..
जानकारी मांगने पर नाम बताने से भी इनकार, “जो करना है कर लीजिए” — कर्मचारी का जवाब ,
जिला आबकारी अधिकारी भी सवालों से बचते नजर आए, पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल ..

सक्ती, जिले का आबकारी विभाग इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। जिला आबकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरा कार्यालय “भगवान भरोसे” संचालित हो रहा हो। न तो जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध हैं और न ही कार्यालय में बैठे कर्मचारी किसी प्रकार की जानकारी देने को तैयार हैं। हालात यह हैं कि विभागीय काम से आने वाले लोगों को यह तक नहीं बताया जाता कि अधिकारी कार्यालय में हैं या नहीं, कब आएंगे या कहां गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के बाद जब ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए संवाददाता स्वयं जिला आबकारी कार्यालय पहुंचे, तो वहां कंप्यूटर पर बैठे कर्मचारियों से जब जिला आबकारी अधिकारी के संबंध में पूछा गया, तो जवाब मिला—“हमें नहीं मालूम साहब कहां हैं।” इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने यह भी साफ कह दिया कि वे किसी भी अधिकारी से संबंधित कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते, न ही संपर्क नंबर दे सकते हैं।
स्थिति तब और चौंकाने वाली हो गई जब कार्यालय में कंप्यूटर पर कार्य कर रहे एक कर्मचारी से केवल नाम पूछने पर उसने भी नाम बताने से इनकार कर दिया। कर्मचारी का कहना था कि “शुक्ला सर ने साफ निर्देश दिए हैं कि न तो अपना नाम बताना है और न ही किसी प्रकार की जानकारी देनी है। आपको जो करना है, कर सकते हैं।” यह जवाब न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पारदर्शिता की पोल भी खोलता है।
मामले में जिला आबकारी अधिकारी नितिन शुक्ला से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और यह भी समझ में नहीं आ रहा कि आखिर पूछा क्या जा रहा है। जब संवाददाता ने कार्यालय में मौजूद व्यक्ति की फोटो एवं पूरी जानकारी व्हाट्सएप पर भेजकर उनका पक्ष जानना चाहा, तो अधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे फिलहाल व्हाट्सएप नहीं देख पाएंगे और काफी व्यस्त हैं, इसलिए किसी प्रकार की जानकारी नहीं दे सकते।
पूरे घटनाक्रम से यह सवाल उठता है कि जब जिला स्तर का महत्वपूर्ण विभाग इस तरह बिना जवाबदेही के चल रहा है, तो विभागीय बैठकों और टीएल बैठकों में दी जाने वाली जानकारियां कितनी विश्वसनीय होंगी? क्या अधिकारी वहां भी “भगवान भरोसे” ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं?
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस गंभीर लापरवाही और मनमानी पर जिला प्रशासन और शासन क्या संज्ञान लेता है, या फिर आबकारी कार्यालय इसी तरह जनता के सवालों से मुंह मोड़ता रहेगा।
खबर सक्ती ...2 वर्ष agoबड़ी खबर: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने किया अनिल चन्द्रा को जिलाबदर ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoव्यापारी से 2250000 रूपये की लूट करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार 05 आरोपी फरार ..
ख़बर रायपुर2 वर्ष agoएनसीपी के प्रमुख पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा कल 23 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस में होंगे शामिल ..
खबर जगदलपुर ..3 वर्ष agoस्कूल शिक्षा विभाग में 3266 से अधिक रिक्त प्राचार्य पद पर पदोन्नति की माँग को लेकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा जगदलपुर में बस्तर संभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई ..
खबर सक्ती ...2 वर्ष agoगुलमोहर के फूलों की दीवानगी ऐसी कि आजादी के अमृतोत्सव पर लगाए “75 गुलमोहर पौधे …
Uncategorized3 वर्ष agoप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल समाप्त ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoज्ञानकुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सकरेली (बा) में रंगोली, राखी मेकिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoसक्ती जिले के डभरा सीएचसी में उपलब्ध हुई दो विशेषज्ञ चिकित्सको की सेवा ..

























You must be logged in to post a comment Login