खबर सक्ती ...
बाराद्वार में बही काव्य रस की धारा, मित्रता दिवस पर हुआ आयोजन ..

नारे खूब लगाते हैं वे, दूर गरीबी करने को माल हड़पने को सरकारी, प्लान बनाने बैठे हैं- रमेश सिंघानिया ..
सक्ती, कला कौशल साहित्य संगम मंच छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में दिनांक ६ अगस्त २३ रविवार को बाराद्वार नगर के शासकीय कन्या शाला में मित्रता दिवस के अवसर पर नगर के सजलकार राष्ट्रीय कवि संगम के जिलाध्यक्ष रमेश सिंघानिया की अध्यक्षता एवं अंबिकापुर से पधारे साहित्यकार छंद मर्मज्ञ मुकुंद लाल साहू के मुख्य आतिथ्य में भव्य काव्य पाठ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिक मोहन तोदी, वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा एवं शाला के प्राचार्य दाताराम काठले विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल रहे। इन सभी विशिष्ट जनों के माॅं शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कवियों ने काव्य की अनेक विधाओं सजल, गजल, दोहे, घनाक्षरी, मुक्तक आदि के माध्यम से काव्य रस की गंगा बहा दी। कुछ कवियों ने सुंदर छत्तीसगढ़ी रचनाएं पेश कीं।

सर्वप्रथम अंचल के वरिष्ठ गीतकार रामसाय श्रीवास “राम” के द्वारा माॅं शारदे की स्तुति की गई। उसके पश्चात अंबिकापुर से पधारे सुप्रसिद्ध दोहा रचयिता मुकुंद लाल साहू ने जलूॅं चरागों की तरह, है जितनी औकात। कुछ तो रौशन हो सके , यह अंधियारी रात। सक्ती से आयीं सुश्री सुचिता साहू ने मैं शीशा हूॅं तुम दर्पण हो, जैजैपुर के प्रहलाद चंद्रा ने गाॅंव हर गाॅंव कहाॅं अब तो शहर होगे। आरुग पच्छर हवा घलोक जहर होगे। जैजैपुर से के ही शत्रुघ्न धीवर ने मन में ना हो वैर कपट, ना किसी से हम दुर्व्यवहार करें। सक्ती से आए गजल के महारथी अनीस अरमान ने तलाशी ले लो यहाॅं सिर्फ गम ही निकलेंगे। हमारे घर से तो कागज कलम ही निकलेंगे। सक्ती के ही नरेन्द्र वैष्णव ने छत्तीसगढ़ के सुघ्घर धरती, सक्ती बन के उभरे हे। जांजगीर-खोखरा के युवा कवि अनुभव तिवारी ने मत कर नशा जहां में हर नशा खराब है सक्ती के गिरधारी लाल चौहान ने बजाओ न मोहन तुम ऐसी मुरलिया। छाल से पधारे कुमार कारनिक ने बेटियां घर में खुशियाॅं की घूमती फुलवारी हैं। सक्ती के ही रघुनाथ जायसवाल ने देखो चांद सितारों को, वश में रखो नजारों को। कार्यक्रम के अध्यक्ष सजलकार रमेश सिंघानिया ने आपस के मतभेदों की दीवार गिराने बैठे हैं। कला कौशल साहित्य संगम मंच छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ग्राम मौहाडीह के कौशल महंत ने हृद कुंज प्रेम संग जब घिसता है, चंदन बनता है। किरारी के वरिष्ठ कवि रामसाय श्रीवास “राम” ने देश भक्ति से पूर्ण गीत हे मातु तुम्हारा क़र्ज़ चुका नहीं पाऊॅंगा।
एक नहीं सौ बार जनम ले आऊॅंगा। जांजगीर से पधारे वरिष्ठ कवि अरुण तिवारी ने जो मंच का संचालन भी कर रहे थे ने हिन्दू हूॅं ना मुसलमान हूॅं मैं, नहीं सिख ईसाई। भारत माॅं का बेटा हूॅं मैं, यही है एक सच्चाई की प्रस्तुति दी। नगर के वरिष्ठ संजय शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में कवियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। अंत में शासकीय कन्या शाला बाराद्वार के प्राचार्य दाताराम काठले ने आए हुए समस्त सम्मानित काव्य मनीषियों का आभार व्यक्त किया। आज का यह कार्यक्रम पूर्णरूपेण सफल रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुकुंद साहू को स्मृति-चिंह देकर सम्मानित किया गया।
खबर सक्ती ...2 वर्ष agoबड़ी खबर: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने किया अनिल चन्द्रा को जिलाबदर ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoव्यापारी से 2250000 रूपये की लूट करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार 05 आरोपी फरार ..
ख़बर रायपुर2 वर्ष agoएनसीपी के प्रमुख पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा कल 23 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में कांग्रेस में होंगे शामिल ..
खबर जगदलपुर ..3 वर्ष agoस्कूल शिक्षा विभाग में 3266 से अधिक रिक्त प्राचार्य पद पर पदोन्नति की माँग को लेकर “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा जगदलपुर में बस्तर संभागीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई ..
खबर सक्ती ...2 वर्ष agoगुलमोहर के फूलों की दीवानगी ऐसी कि आजादी के अमृतोत्सव पर लगाए “75 गुलमोहर पौधे …
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoज्ञानकुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सकरेली (बा) में रंगोली, राखी मेकिंग एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन संपन्न ..
Uncategorized3 वर्ष agoप्रदेश में पटवारियों की हड़ताल समाप्त ..
खबर सक्ती ...3 वर्ष agoसक्ती जिले के डभरा सीएचसी में उपलब्ध हुई दो विशेषज्ञ चिकित्सको की सेवा ..

























You must be logged in to post a comment Login