खबर कोरबा
हरेली महोत्सव में डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की ..

डॉ. महंत बोले—अपनी संस्कृति को बचाना ही अपनी पहचान और अस्मिता को बचाना है ..
कोरबा, छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं प्रमुख लोकपर्व हरेली के अवसर पर बुधवार को कोरबा कोहड़िया स्थित हसदेव नदी तट पर भवानी मंदिर के समीप छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर परिसर में भव्य हरेली महोत्सव का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति, कोरबा के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा, संस्कृति और विरासत को संजोकर रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरेली केवल कृषि उपकरणों की पूजा का पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति, पशुधन और लोकजीवन के बीच अटूट संबंध का प्रतीक है।

डॉ. महंत ने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाना अपनी पहचान को बचाना है। ऐसे लोकपर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हरेली महोत्सव के आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों को बधाई दी।
💠 पारंपरिक रंग में रंगा महोत्सव –
कार्यक्रम में पहुंचने पर अतिथियों का ढोल-नगाड़ों, पुष्पहारों एवं पारंपरिक तरीके से आत्मीय स्वागत किया गया। पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। लोकगीत, लोकनृत्य, गेड़ी दौड़, नरियर फेंक और फुगड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताओं ने लोगों का उत्साह बढ़ाया। बड़ी संख्या में नागरिकों ने इन आयोजनों में हिस्सा लिया।

अतिथियों के आगमन पर राज्यगीत ‘‘अरपा पैरी के धार…’’ की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम के वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। छत्तीसगढ़ी लोकमंच के सुप्रसिद्ध कलाकार थिरमनदास एवं उनकी मंडली ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
💠 हरेली कृषि संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का पर्व –

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्वों में से एक है। इसमें कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकजुटता का भाव दिखाई देता है। किसान और कृषि हमारी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोकसंस्कृति की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज को अपनी माटी और संस्कृति पर गर्व होता है, उसकी पहचान और आत्मसम्मान को कोई मिटा नहीं सकता।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति के पदाधिकारियों सहित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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