ख़बर रायपुर
महतारी वंदन की 32वीं किस्त जारी, 67.38 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 632.40 करोड़ रुपये ..

मुख्यमंत्री साय बोले- मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण से मजबूत हो रहा परिवार और प्रदेश ,
दुर्ग जिले को 218.48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात, 23 कार्यों का भूमिपूजन और आईटीआई उन्नयन का लोकार्पण ..
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए। योजना के तहत अब तक महिलाओं को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य पहुंचने से परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा-पोषण और स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और स्वावलंबन को बढ़ाने का जरिया भी है।
हर माह खाते में पहुंच रहा 1000 रुपये –
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में 20,075 करोड़ 76 लाख रुपये वितरित किए जा चुके थे। अब 32वीं किस्त के साथ योजना के तहत वितरित कुल राशि 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। डीबीटी के जरिए राशि सीधे खातों में पहुंचने से योजना में पारदर्शिता के साथ महिलाओं को आर्थिक संसाधनों पर सीधा अधिकार मिल रहा है।
दुर्ग की 3.89 लाख महिलाओं को मिला 37.19 करोड़ –
32वीं किस्त के तहत दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 महिलाओं के खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये अंतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाना है।
दुर्ग को 218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात –

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण तथा 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
इन परियोजनाओं में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
सड़क और कनेक्टिविटी पर जोर –
दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा राज्य मार्ग-22 के करीब पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने 30.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अहिवारा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक सड़क निर्माण पर 4.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पाटन क्षेत्र में –
भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 15.03 करोड़ रुपये, भिलाई-तर्रा मार्ग के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये और पौहा-खपरी सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
युवाओं के कौशल विकास पर निवेश –
आईटीआई दुर्ग के उन्नयन के बाद युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ रुपये से विभिन्न अधोसंरचना कार्य होंगे। वहीं दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा।
सिंचाई और जल प्रबंधन को मिलेगी मजबूती –
जल संसाधन विभाग के तहत सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार एवं नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग-लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मोहंदी, कपसदा और नंदौरी जलाशयों के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर क्रमशः 4.96 करोड़, 4.57 करोड़ और 4.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तिरगा, गनियारी और रिसाली-उमरपोटी जलाशयों के जीर्णोद्धार तथा नहर लाइनिंग के कार्य भी किए जाएंगे।
चिकित्सा और बिजली अधोसंरचना का विस्तार –
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास तथा जिला चिकित्सालय स्थित जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
पाटन क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 25.83 करोड़ रुपये से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर), 14 करोड़ रुपये से पाटन-जामगांव (आर) 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन और 2.50 करोड़ रुपये से अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण के साथ मजबूत अधोसंरचना पर आधारित है। माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।
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